एस. एस. राजामौली की फिल्म RRR (Rise Roar Revolt) रिलीज़ होते ही यह साफ हो गया कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का एक ऐतिहासिक पल है। बाहुबली के बाद राजामौली से उम्मीदें पहले से ही आसमान पर थीं और RRR उन उम्मीदों पर लगभग हर स्तर पर खरी उतरती है। फिल्म भव्य है, भावनात्मक है और सबसे बढ़कर दर्शकों को गर्व महसूस कराती है।
RRR एक काल्पनिक कहानी है, लेकिन इसके किरदार भारत के असली स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरित हैं। कहानी 1920 के दशक के भारत की है, जब देश अंग्रेज़ी हुकूमत के नीचे दबा हुआ था। फिल्म दो अलग-अलग विचारधाराओं वाले लोगों की कहानी दिखाती है — अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम — जो हालात के चलते दोस्त बनते हैं, लेकिन सच सामने आते ही आमने-सामने खड़े हो जाते हैं।
कोमाराम भीम एक मासूम आदिवासी बच्ची को अंग्रेज़ों की कैद से छुड़ाने के लिए शहर आता है। दूसरी ओर, राम एक ईमानदार ब्रिटिश अफसर है, जिसका असली मकसद किसी को पता नहीं। दोस्ती, धोखा, कर्तव्य और बलिदान के बीच फंसी यह कहानी धीरे-धीरे एक भावनात्मक तूफान में बदल जाती है।
अभिनय की बात करें तो फिल्म पूरी तरह राम चरण और जूनियर एनटीआर के कंधों पर टिकी है और दोनों ही कलाकार अपने-अपने किरदारों में जान डाल देते हैं। राम चरण अपने शांत लेकिन आग से भरे किरदार में बेहद प्रभावशाली लगते हैं। उनके चेहरे के भाव, आंखों की भाषा और एक्शन सीक्वेंस कमाल के हैं। वहीं जूनियर एनटीआर दिल जीत लेते हैं। उनके किरदार में मासूमियत, दर्द और गुस्सा तीनों खूबसूरती से नजर आते हैं।
आलिया भट्ट का रोल भले ही छोटा हो, लेकिन वह कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ती हैं। अजय देवगन का स्पेशल अपीयरेंस फिल्म को एक मजबूत बैकस्टोरी देता है और उनके सीन असर छोड़ते हैं।
निर्देशन की बात करें तो यह पूरी तरह राजामौली शो है। एक्शन सीक्वेंस इतने बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हैं कि कई बार यह विश्वास करना मुश्किल होता है कि यह भारतीय फिल्म है। पुल वाला सीन, जानवरों वाला एक्शन और क्लाइमेक्स की लड़ाई लंबे समय तक याद रहती है। राजामौली जानते हैं कि दर्शक क्या देखना चाहते हैं और वे हर फ्रेम में वही देते हैं।
फिल्म का म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर इसकी आत्मा है। एम. एम. कीरवाणी का संगीत हर सीन को ऊंचाई देता है। “नाटू नाटू” रिलीज़ के साथ ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया और बाद में यह गाना पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा की पहचान बन गया।
टेक्निकल तौर पर RRR भारतीय सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क सेट करती है। VFX, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी इंटरनेशनल लेवल की है। कुछ जगह CGI थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन फिल्म के स्केल को देखते हुए यह बड़ी शिकायत नहीं बनती।
अगर कमियों की बात करें तो फिल्म की लंबाई थोड़ी ज्यादा है और कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक लग सकते हैं। लेकिन जिस तरह से फिल्म दर्शकों को भावनाओं से जोड़ती है, उन कमियों को आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है।
स्टार रेटिंग:
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कहानी: 4/5
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अभिनय: 5/5
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निर्देशन: 5/5
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म्यूज़िक: 5/5
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विजुअल्स: 4.5/5
ओवरऑल रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐½ (4.5/5)
निष्कर्ष:
RRR सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यह दोस्ती की ताकत, आज़ादी की कीमत और बलिदान की भावना को बेहद भव्य अंदाज़ में पेश करती है। यह फिल्म साबित करती है कि भारतीय सिनेमा अब ग्लोबल स्टेज पर खड़ा है और पूरी दुनिया को अपनी कहानियों से प्रभावित कर सकता है। बड़े पर्दे पर देखने लायक एक यादगार सिनेमाई अनुभव।
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