बॉलीवुड में जब भी ऐतिहासिक और देशभक्ति फिल्मों की बात होती है, तो ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ एक खास स्थान रखती है। निर्देशक ओम राउत की यह फिल्म मराठा योद्धा तान्हाजी मालुसरे की वीरता और बलिदान को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। अजय देवगन की दमदार मौजूदगी और शानदार विजुअल्स इस फिल्म को यादगार बनाते हैं।
कहानी (Story)
फिल्म की कहानी 17वीं शताब्दी के भारत की है, जब छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए कोंढाणा किले (बाद में सिंहगढ़) को जीतना बेहद जरूरी हो जाता है। यह किला मुगल सेनापति उदयभान राठौड़ के कब्जे में होता है।
तान्हाजी मालुसरे, जो शिवाजी महाराज के सबसे विश्वसनीय सेनानायक हैं, अपने बेटे की शादी के बावजूद मातृभूमि के लिए युद्ध का मार्ग चुनते हैं। कहानी देश, धर्म और स्वराज के लिए दिए गए बलिदान को बेहद भावनात्मक अंदाज में दर्शाती है।
अजय देवगन का अभिनय
अजय देवगन ने तान्हाजी मालुसरे के किरदार को पूरे जोश, गंभीरता और गरिमा के साथ निभाया है। उनकी आंखों में देशभक्ति की आग और चेहरे पर एक योद्धा की दृढ़ता साफ नजर आती है। युद्ध के दृश्यों में उनका अभिनय बेहद प्रभावशाली है।
यह किरदार अजय देवगन के करियर के सबसे मजबूत ऐतिहासिक रोल्स में से एक माना जाता है।
सैफ अली खान का विलेन अवतार
फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है सैफ अली खान का उदयभान राठौड़। उनका क्रूर, अहंकारी और बेरहम अंदाज दर्शकों को नफरत करने पर मजबूर कर देता है। उनका अभिनय फिल्म में तनाव और रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है।
अन्य कलाकारों का योगदान
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काजोल ने तान्हाजी की पत्नी सावित्रीबाई का किरदार निभाया है। उन्होंने भावनात्मक दृश्यों में गहराई दिखाई है।
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शरद केलकर ने छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में शानदार प्रभाव छोड़ा है। उनकी आवाज़ और व्यक्तित्व किरदार को बेहद प्रभावी बनाते हैं।
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सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
ओम राउत का निर्देशन काबिल-ए-तारीफ है। फिल्म का VFX और सिनेमैटोग्राफी इसे भव्य बनाते हैं। युद्ध के दृश्य बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हैं और दर्शकों को इतिहास के उस दौर में ले जाते हैं।
हालांकि कुछ सीन जरूरत से ज्यादा CGI-आधारित लगते हैं, फिर भी कुल मिलाकर विजुअल एक्सपीरियंस शानदार है।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म का संगीत कहानी के मूड के अनुरूप है।
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“शंकरा रे शंकरा” और “माय भवानी” जैसे गाने जोश और भक्ति का संचार करते हैं।
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बैकग्राउंड स्कोर युद्ध के दृश्यों को और ज्यादा प्रभावशाली बनाता है।
फिल्म की खूबियां
✔️ अजय देवगन का दमदार अभिनय
✔️ सैफ अली खान का यादगार विलेन
✔️ ऐतिहासिक कथा की प्रभावशाली प्रस्तुति
✔️ भव्य VFX और युद्ध दृश्य
✔️ देशभक्ति और स्वराज की भावना
फिल्म की कमियां
❌ कुछ जगह CGI ज्यादा नजर आता है
❌ ऐतिहासिक तथ्यों में थोड़ी सिनेमैटिक छूट
❌ कहानी की गति कहीं-कहीं धीमी
अंतिम फैसला (Verdict)
‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि शौर्य, बलिदान और स्वराज के लिए लड़ी गई लड़ाई की गाथा है। यह फिल्म इतिहास, देशभक्ति और भव्य सिनेमा पसंद करने वाले दर्शकों के लिए जरूर देखने लायक है।
यह फिल्म न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि एक अनसुने योद्धा को सम्मान भी देती है।
⭐ रेटिंग: 4/5
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